
एक बेहतरीन जिंदगी जीने के लिए
यह स्वीकार करना भी जरूरी है
कि सब कुछ सबको नहीं मिल सकता।
Ek Behtreen Zindagi Jeene Ke Liye
Yah Suwikar Karna Bhi Jaruri hai Ki
Sab Kuch Sabko Nahi Mil Sakta!!

जो तक़दीर में न हो,
वो तरक़ीब से भी नहीं मिलता!

डाली से गिरते हुए
पत्तों ने हमें सिखाया है,
अगर बोझ बन जाओगे तो,
अपने ही तुम्हें गिरा देंगे!

मौका मिले कभी किसी की
मदद करने का तो,
सारथी बने, स्वार्थी नहीं!

कुछ खो कर लौटे या ना लौटे,
लेकिन आपके कर्म अवश्य लौटते है,
फिर चाहे वो अच्छे हो या बुरे!
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