
बलात्कार कभी छोटे कपड़ों की वजह से नहीं,
बल्कि छोटी सोच की वजह से होता है!!
वो कहते है ना…
दृश्य तब तक अश्लील नही हो सकता
जब तक दृष्टि अश्लील ना हो !!
Balatkar Kabhi Kapdon Ki Wajah Se Nahi,
Balki Chhoti Soch Ki Wajah Se Hota Hai!!
Wo Kehte Hain Na!!
Drisya Tab Tak Aslil Nahi Ho Sakta,
Jab Tak Dristi Aslil Na Ho!!

बलात्कार को ‘पाशविक’ कहा जाता है,
पर यह पशु की तौहीन है,
पशु बलात्कार नहीं करते। सुअर तक नहीं करता,
मगर आदमी करता है।

जिस देश में कुछ बलात्कारी को
भी वकील मिलता हो, उस देश में
बलात्कार कभी खत्म नही हो सकता
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सोचो जिसकी बेटी के साथ हैवानियत हुई!!
बलात्कार होने एक कारण नहीं है बल्कि कई कारण है.सबसे बड़ा कारण लोगो की छोटी सोच तो है ही लेकिन औरतो के छोटे कपड़े भी बलात्कार के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है.