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Sister to Brother Raksha Bandhan Poem in Hindi for Bahen

रूपया पैसा कुछ ना चाहूँ..बोले मेरी राखी है!!

नहीं चाहिए मुझको हिस्सा माँ-बाबा की दौलत में, चाहे वो कुछ भी लिख जाएँ भैया मेरे! वसीयत में!! नहीं चाहिए मुझको झुमका चूड़ी पायल और कंगन, नहीं चाहिए अपनेपन की कीमत पर बेगानापन!! मुझको नश्वेर चीज़ों की दिल से कोई दरकार नहीं, संबंधों की कीमत पर कोई सुविधा स्वीकार नहीं!! माँ के सारे गहने-कपड़े तुम…